इस्कॉन शिष्य प्रशिक्षण कोर्स (IDC Hindi)

इस्कॉन शिष्य प्रशिक्षण कोर्स (IDC Hindi)

Course Description

इस्कॉन शिष्य प्रशिक्षण कोर्स (IDC Hindi)

इस्कॉन शिष्य प्रशिक्षण कोर्स (ISKCON Disciple Course – IDC) इस्कॉन का एक प्रमाणिक प्रशिक्षण कोर्स है, जिसका उद्देश्य भक्तों को गुरु-तत्त्व, गुरु-शिष्य संबंध तथा इस्कॉन में एक शिष्य के उत्तरदायित्व और कर्तव्यों के विषय में स्पष्ट एवं व्यवस्थित समझ प्रदान करना है।

श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं तथा इस्कॉन के सिद्धांतों और निर्देशों पर आधारित यह कोर्स भक्तों को आध्यात्मिक गुरु का आश्रय ग्रहण करने, दीक्षा के वास्तविक अर्थ एवं महत्त्व को समझने और एक शिष्य के रूप में अपने उत्तरदायित्वों को जानने में सहायता करता है।

इस कोर्स में आप क्या सीखेंगे?

* कृष्णभावनामृत में आध्यात्मिक गुरु का महत्त्व और भूमिका

* इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य के रूप में श्रील प्रभुपाद का विशिष्ट स्थान

* विभिन्न प्रकार के गुरु और उनकी भूमिकाएँ

* आध्यात्मिक गुरु का चयन और उनका आश्रय ग्रहण करना

* दीक्षा का अर्थ, उद्देश्य और महत्त्व

* एक शिष्य की योग्यता, उत्तरदायित्व और कर्तव्य

* गुरु-शिष्य के बीच स्वस्थ एवं उचित संबंध स्थापित करना

* अपने गुरु, श्रील प्रभुपाद, इस्कॉन तथा व्यापक वैष्णव समाज के साथ एक शिष्य का संबंध

* आध्यात्मिक संबंधों में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का सामना करना

* आध्यात्मिक जीवन में सहयोग, सेवा और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का महत्त्व

यह कोर्स किनके लिए है?

यह कोर्स विशेष रूप से उन भक्तों के लिए उपयोगी है जो दीक्षा ग्रहण करने की तैयारी कर रहे हैं, किसी आध्यात्मिक गुरु का आश्रय लेने के इच्छुक हैं, अथवा गुरु-शिष्य संबंध के विषय में उचित समझ विकसित करना चाहते हैं।

जो भक्त पहले से दीक्षित हैं, वे भी शिष्य-जीवन के मूल सिद्धांतों को पुनः समझने और गुरु-शिष्य संबंध के विषय में अपनी समझ को और अधिक गहरा करने के लिए यह कोर्स कर सकते हैं।

कोर्स का प्रारूप

यह एक Self-Study Course है। आप अपनी सुविधानुसार वीडियो कक्षाएँ देखकर तथा निर्धारित मूल्यांकन पूर्ण करके इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं।

कुल वीडियो कक्षाएँ: 10

भाषा: हिन्दी

प्रारूप: Self-Study / Online

Certificate Course

इस कोर्स का उद्देश्य केवल दीक्षा के औपचारिक अनुष्ठान की तैयारी करना नहीं है, बल्कि यह समझ विकसित करना है कि शिष्यत्व एक आजीवन आध्यात्मिक प्रतिबद्धता है। यह कोर्स श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं के अनुसार एक उत्तरदायी, दृढ़ और परिपक्व आध्यात्मिक जीवन विकसित करने में सहायता करता है।

Course Curriculum

5 sections11 lessons

Handbook

1 lessons

PDF

अध्याय 1: भूमिका एवं तत्त्व वर्णन

5 lessons

Video15:51
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Video30:53
30:53
Video27:16
27:16
Video29:58
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Video33:46
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अध्याय 2: गुरु के साथ संबंध स्थापित करना

3 lessons

Video9:25
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Video27:14
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Video39:01
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अध्याय 3: गुरु-संबंधी कार्यों का पालन करना

1 lessons

Video54:24
54:24

अध्याय 4: सहयोग के साथ पूर्ण संबंध स्थापित करना एवं उसे सुदृढ़ करना

1 lessons

Video38:01
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